वन्यजीव प्रेमियों ने छतरगढ़ शिकार प्रकरण को लेकर बीकानेर में निकाला पैदल मार्च

बीकानेर :-

वन्यजीव प्रेमियों ने 36 कौम को साथ लेते हुए सभी सामाजिक संगठनों ने मिलकर जीव रक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण संयुक्त संघर्ष समिति का किया गठन आगामी आंदोलन संघर्ष समिति के माध्यम से लड़ा जाएगा इसको लेकर आज संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना बीकानेर कलेक्टर के समक्ष शुरू सोमवार को पूरे जिले से पर्यावरण प्रेमी विभिन्न समाजों के लोगों को बुलाकर मूक प्राणियों को और वन्यजीव प्रेमियों पर हुए गलत मुकदमों की जांच और अग्रिम कार्रवाई के लिए महापड़ाव

वन्यजीव प्रेमियों की प्रमुख मांगे निम्न प्रकार है

1 नंबर वन महाजन फील्ड फायरिंग रेंज भारतीय सेना के प्रतिबंधित क्षेत्र में हथियारों से लैस होकर शिकारियों ने हिरण का शिकार किया उस फील्ड फायरिंग रेंज में आयुध के कबाड़ इकट्ठा करने वाले ठेकेदार का ड्राइवर ने बंदूक के फायर के ऊपर अपनी गाड़ी से पीछा कर एक मोटरसाइकिल पर तीन शिकारियों को ललकारा शिकारी की मोटरसाइकिल गिरने से वह भागने मेंअसफल रहा दो शिकारी बंदूक लेकर हमारे कार्यकर्ता पर दो फायर करते हुए भाग गए शिकारी से मौके पर 21 कारतूस देसी बम एक मृत हिरण बरामद कर वन विभाग को सुपुर्द किया वन विभाग ने हमारे कार्यकर्ता द्वारा दिए गए बयान में लिखित सूचना को वह मौका रिपोर्ट पद पर ना हस्ताक्षर करवाए ना उनको गवाह बनाया गया घटना को 2 महीने बीत जाने के बाद भी दोनों मुलजिम आज भी फरार है हिरण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बोर्ड ने बताया कि हिरण की मौत तीन गोलियां लगने से हुई है मौके पर 21 कारतूस बरामद किए गए अब तक शिकारियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत वन विभाग ने पुलिस में मुकदमा दर्ज नहीं करवाया ना ही अपने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर इस संबंध में अवगत करवाया इसलिए हमारी मांग है कि वन विभाग के रेंजर व डीएफओ दोनों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस मामले को रफा-दफा करने के लिए 2 महीने से लगातार कार्यकर्ताओं को झूठी सूचनाएं दे रहे हैं इसलिए इनको सस्पेंड किया जाए