डिजिटल ऐप्प के साथ ही राजस्थान फार्मेसी काउंसिल बना देश का पहला पूर्णता डिजिटल फार्मेसी काउंसिल

जयपुर :- 

राजस्थान फार्मेसी काउंसिल देश की पहली डिजिटल फार्मेसी काउंसिल बन गई है। काउंसिल की कवायद के चलते अब फार्मासिस्ट के रजिस्ट्रेशन से लेकर प्रमाण पत्र के लिए कागजी कार्रवाई नहीं करनी होगी।


चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया है कि माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के  निर्देशानुसार सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली डिजिटल फार्मेसी काउंसिल बनाने का निर्णय लिया ताकि बिना कागजी कार्रवाई के रजिस्ट्रेशन हो सके।


साथ ही प्रमाण पत्र से लेकर अन्य कामकाज के लिए काउंसिल के चक्कर भी फार्मासिस्ट को नहीं काटने होंगे। वह कहीं से भी एक क्लिक पर काउंसिल से जुड़े काम को पूरा कर सकेंगे। वहीं ऐप्प के माध्यम से देश विदेश के किसी भी स्थान पर बैठकर अपना प्रमाण पत्र तक डाउनलोड कर सकेंगे।

पहले लगाते रहते थे चक्कर, अब होगा सभी काम ऐप्प से

एप लॉन्चिंग के साथ ही अब सभी प्रक्रिया होगी डिजिटल ,जिसके चलते रजिस्ट्रेशन के लिए एप्लाई करने वाले फार्मा प्रोफेशनल्स को काउंसिल के चक्कर नहीं लगाने होंगे। इससे पहले बी फार्मा व डी फार्मा करने के बाद स्टूडेंटस रजिस्ट्रेशन के लिए अपने दस्तावेजों का प्रिंट व ऑरिजनल लेकर काउंसिल में जाकर आवेदन करते थे। इसके बाद अपना प्रमाण पत्र लेने जाते थे।


लेकिन अब डिजिटल प्रक्रिया अपनाने के बाद ऐप्प के जरिए ही डॉक्यूमेंट जमा करवा कर डिजिटल प्रमाण पत्र ही कही से भी ले सकते है।


पहले प्रक्रिया जटिल होने के कारण आवेदकों को महीनों तक इंतजार करना होता था। लेकिन अब रजिस्ट्रेशन प्रोसेस आसान हो गई है। इससे फार्मेसी काउंसिल को भी फायदा हुआ है। वह भी आवेदकों के दस्तावेजों का वैरिफिकेशन संबंधित बोर्ड,विश्वविद्यालय या फिर संस्था से ऑनलाइन ही करवा लेंगें। जिससे फर्जीवाड़ा रोकने में भी आसानी मिलेगी। सभी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है।

इस मौके पर राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा तथा राजस्थान फार्मेसी काउंसिल के प्रेसिडेंट महावीर कुमार सोगानी, रजिस्ट्रार नवीन सांघी तथा फार्मेसी काउंसिल के सभी स्टाफ मौजूद रहे।