गुजरात चुनाव: कांग्रेस के घोषणा पत्र में राहुल गांधी के आठ वादे ,किसानों का कर्ज माफ, रु. 500 गैस सिलेंडर, 300 यूनिट बिजली फ्री का वादा

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए सभी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है उस समय पहले भी भाजपा सरकार के खिलाफ 21 सूत्री आरोपपत्र की घोषणा की गई थी, अब आज अहमदाबाद कांग्रेस भवन में 'जन घोषना पत्र 2022 होगी जनता की सरकार' नाम का घोषणापत्र घोषित किया गया है  इस घोषणापत्र में राहुल गांधी द्वारा गुजरात के लिए पहले किए गए 8 वादों को रखा गया है। जिसमें किसान का कर्ज माफ करने के लिए रु.  500 गैस सिलेंडर, 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली की व्यवस्था की गई है 

◆ कांग्रेस के मेनिफेस्टो का ऐलान

 कांग्रेस की ओर से आज मेनिफेस्टो की घोषणा की गई है और अशोक गहलोत ने घोषणापत्र की घोषणा की, मंच पर रघु शर्मा, जगदीश ठाकोर, दीपक बाबरिया, भरत सिंह सोलंकी, सिद्धार्थ पटेल, शक्ति सिंह गोहिल, अर्जुन मोढवाडिया, पवन खेड़ा, अमी याज्ञनिक, अमित चावड़ा समेत कई नेता मौजूद रहे ।

 जगदीश ठाकोर ने कहा कि जनता के बीच जाकर वादा करते हुए चुनावी घोषणापत्र की घोषणा की गई है ओर कहा कांग्रेस 125 सीटों से सरकार बना रही है। दीपक बाबरिया और उनकी टीम ने अलग-अलग जगहों का दौरा कर घोषणा पत्र तैयार किया है,इसे सार्वजनिक चर्चा के आधार पर तैयार किया गया है। 

◆ ऐसा ही मेनिफेस्टो राजस्थान में चुनाव जीतकर कैबिनेट में रखा गया 

 अशोक गहलोत ने घोषणा पत्र की घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव जीतकर सरकार बनती है तो जनता और सरकार दोनों वादे भूल जाते हैं।  राजस्थान में चुनाव जीतने के बाद घोषणापत्र को कैबिनेट में रखा गया।  इस तरह गुजरात में वादे पूरे होंगे।  राहुल गांधी ने कहा कि जनता से पूछो और घोषणा पत्र बनाओ तो हमने वह किया है।  लोगों ने सरकार विरोधी लहर को चलते देखा है।  कोरोना में सरकार फेल।  मोरबी की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।  एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की जांच में क्या कठिनाई है सरकार के खिलाफ सवाल उठाए गए तो दोबारा घटना नहीं होगी।

◆कांग्रेस का चुनावी घोषणा पत्र:-


■ शिक्षा

 - उच्च शिक्षा शुल्क और अन्य गतिविधियों के नाम पर दान पर रोक, मौजूदा शिक्षा शुल्क को निलंबित कर शुल्क में तत्काल 20% की कमी

■ पशुपालन

 चारे एवं खनिज के एकमुश्त मूल्य वृद्धि के कारण गाय की मृत्यु होने पर मुआवजा-सहायता विनियमित की जायेगी।

 ■ सबके लिये पके घर

 - डोर-टू-डोर स्वच्छ पेयजल, पक्की सड़कें, भूमिगत सीवर, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, पुस्तकालय, जिम, किंडरगार्टन, अस्पताल

 - मलिन बस्तियों और चालिस में बिना किसी शर्त के सीवरेज, पानी, रोशनी की सुविधा - जनसंख्या के अनुसार शौचालयों की व्यवस्था

■ एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक आरक्षण

 -जनगणना के आधार पर स्थानीय स्वशासी निकायों के चुनाव में समुदाय के सदस्यों के लिए बीजेपी द्वारा रद्द किए गए आरक्षण को फिर से लागू करना-भर्ती के आरोही क्रम में प्राथमिकता देकर अंत्योदय के सिद्धांतों को लागू किया जाएगा.

■ पंचायती राज

 - पंचायतों से छीनी गई शक्तियों और कार्यों को भाजपा सौंपेगी

 - भ्रष्टाचार की रोकथाम और मनरेगा के समय पर भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी

■ महिला सुरक्षा

 - महर्षि दयानंद सरस्वती ज्ञान योजना के तहत मेडिकल, इंजीनियरिंग, एमबीए में प्रवेश लेने वाले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप

- आठ महानगरों में महिलाओं के लिए रियायती यात्रा

■ किसान

 - प्रत्येक गांव में जल संग्रहण के लिए तालाबों को भरने की योजना- वर्षा/नहर का पानी

 -कृषि क्षेत्र-किसान के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी

■ मछुआरो के लिये

 - मछली पकड़ने की गतिविधि को उद्योग का दर्जा दिया जाएगा - मछुआरों की 3 लाख रुपये तक की कर्ज माफी

■ पर्यावरण संरक्षण

 - प्रदेश को 5 साल में प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सघन कदम - सभी नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने की कार्ययोजना

■ व्यापारिक उद्योग

- बिजली दरों, संपत्ति कर, परिवहन, टोल टैक्स, जीएसटी दर, कच्चे माल, रॉयल्टी दर, ब्याज दरों की समीक्षा की जाएगी।

 -आयकर सीमा के भीतर वेतन/आय रखने वालों को व्यवसाय कर माफ किया जाएगा

■आधारभूत संरचना

 - कृषि क्षेत्र में 25 साल की जरूरतों की योजना

 - बिजली पैदा करने के लिए 2 केवी सोलर पैनल सब्सिडी

■ लोकतंत्र

 - बिलकिस बानो मामले में आरोपियों को माफ करने के फैसले को रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी

■ मुद्रा स्फ़ीति

- शिक्षा, स्वास्थ्य का व्यावसायीकरण बंद करो

- नागरिकों पर लगाए जाने वाले भारी कर में 20 प्रतिशत की कमी

■ रोज़गार

 - सरकारी नौकरियों की भर्ती में गड़बड़ी और पेपर फटने की लगातार घटनाओं को रोकने के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्माण

■ कला-संस्कृति-पहचान

 - पहली कैबिनेट में ही सरदार पटेल साहब का सम्मान बहाल किया जाएगा

- प्रशासन और न्यायपालिका में गुजराती भाषा का प्रयोग बढ़ाने के प्रयास