पूछा, 10,000 सुरक्षाकर्मी प्रधानमंत्री के रूट की सुरक्षा नहीं कर पाए, ये है कांग्रेस का पंजाब मॉडल

पंजाब की कांग्रेस सरकार ने प्रधानमंत्री को सड़क मार्ग पर रोकने की साजिश रची : शेखावत


- केंद्रीय जलशक्ति मंत्री और पंजाब में भाजपा के चुनाव प्रभारी ने लगाए गंभीर आरोप

- बोले, यह देश का अपमान, संघीय ढांचे की अवहेलना, आंतरिक सुरक्षा से खिलवाड़


फिरोजपुर - केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पंजाब में भाजपा के चुनाव प्रभारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले को रोकने की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पंजाब की कांग्रेस सरकार पर प्रधानमंत्री को सड़क मार्ग पर रोकने की साजिश रचने का आरोप लगाया। शेखावत ने कहा कि जानबूझकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। राष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण पद का अपमान किया गया। यह देश का अपमान है। देश के संघीय ढांचे की अवहेलना है। आंतरिक सुरक्षा से खिलवाड़ है।


अपनी प्रतिक्रिया में शेखावत ने कहा कि कांग्रेस अलगाव की प्रवृत्ति रखती है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भरोसा दिए जाने के बाद भी प्रधानमंत्री को क्लीयर रूट नहीं मिलता। उनके काफिले के सामने खुले मार्ग पर बाधा खड़ी कर दी जाती है। साफ है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब की जमीन से दूर रखने के षड्यंत्र का एक घृणित कुचक्र था।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी, लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस संदर्भ में फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझा। शेखावत ने कहा कि कांग्रेस देश को तोड़ना चाहती है। फिरोजपुर में जो हुआ, वह संविधान की अस्मिता को कलंकित करना है। कांग्रेस को देश माफ नहीं करेगा।

वहीं, अपने ट्वीट में शेखावत ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेतृत्वकर्ता को फ्लाईओवर पर लगभग आधा घंटा बिताना पड़ा। इसके लिए जो भी नेता, मंत्री और अधिकारी ज़िम्मेदार हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार के 10,000 सुरक्षाकर्मी मिलकर प्रधानमंत्री के रूट की सुरक्षा नहीं कर पाए। ये है कांग्रेस का पंजाब मॉडल।