दशहरा, करवाचौथ के बाद अब शहीद स्मारक धरना स्थल पर ही बीएसटीसी अभ्यार्थी काली दीपावली मनाएंगे

जयपुर :- 

सरकार की लापरवाही की वजह से 26 अक्टूबर को जोधपुर हाईकोर्ट में बीएसटीसी व बीएड विवाद की सुनवाई नहीं हुई और ना ही सरकार ने जल्द सुनवाई की एप्लीकेशन लगवाई , अभी तक बीएसटीसी व बीएड विवाद की सुनवाई नहीं होगी और सरकार अपना पक्ष मजबूत से नहीं रखेगी तो शहीद स्मारक धरना स्थल पर ही बीएसटीसी अभ्यर्थी काली दीपावली मनाएंग ! रामदेव चोटिया का कहना है कि बीएसटीसी अभ्यर्थियों के पास केवल तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती लेवल प्रथम रोजगार के लिए विकल्प है जबकि बीएड अभ्यर्थियों के पास तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती लेवल द्वितीय, सेकंड ग्रेड, फर्स्ट ग्रेड, पटवारी, ग्राम सेवक अन्य बहुत से विकल्प है प्रवक्ता मुकेश रॉयल का कहना है रीट लेवल प्रथम में B.ed को शामिल किया जाता है तो पूरे राजस्थान की 360 बीएसटीसी कॉलेज बंद हो जाएंगी और बीएसटीसी कोर्स खत्म हो जाएगा इसकी जिम्मेदार राजस्थान सरकार होगी और 4 लाख बीएसटीसी परिवार का हक मारा जाएगा

NCTE का यह नियम अलग-अलग राज्यों में लेवल प्रथम शिक्षक नियुक्ति के लिए बाधक बना हुआ हैं। यदि राज्यों में डीएलएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों की संख्या पर्याप्त हैं तो ऐसे नियम की आवश्यकता क्यों पड़ी ?

जबकि ब्रिज कोर्स के लिए देश भर में NCTE द्वारा मान्यता प्राप्त कोई भी संस्था नही है ।

अभी तक ब्रिज कोर्स के लिए NORMS & standards की report तक भी नही बनी । धरना स्थल पर 4 BSTC अभ्यार्थीयो का क्रमिक अनशन भी लगातार जारी  जारी है

इनका कहना है कि जब तक सरकार NCTE को पत्र जारी नही करती है कि  "राजस्थान में 4 लाख BSTC अभ्यार्थी है जो रीट लेवल प्रथम के लिए पर्याप्त संख्या में है इसलिए रीट लेवल प्रथम में केवल BSTC अभ्यर्थियों को पात्र माने" तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा ।

1. BSTC अभ्यर्थियों के पास रोजगार के लिए केवल एक ही विकल्प है रीट लेवल प्रथम जबकि बीएड के पास रीट लेवल द्वितीय, सेकंड ग्रेड, फर्स्ट ग्रेड और भी काफी विकल्प है तो फिर BSTC का एक ही हक है जो क्यों छीना जा रहा है ?

2. कक्षा 1 से 5 तक बच्चों के लिए BSTC प्रशिक्षित शिक्षक है तो फिर बीएड अप्रशिक्षित शिक्षक को लगाया जाएगा तो उन बच्चों के भविष्य का जिम्मेदार कौन होगा ?

3. BSTC के पास NTT से उच्च योग्यता है तो फिर हमें NTT में शामिल क्यों नही किया जा रहा है ?

4. NET/JRF या Phd अभ्यर्थियों के पास बीएड अभ्यर्थियों से उच्च योग्यता है तो फिर रीट लेवल द्वितीय, सेकंड ग्रेड अध्यापक, फर्स्ट ग्रेड स्कूल व्याख्याता क्यों नही बन सकता जबकि कॉलेज व्याख्याता बन सकता है ?

5. कक्षा 1 - 5 के बच्चों को भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, दर्शन शास्त्र, समाकलन - अवकलन नही पढ़ाना है।  बच्चों को परिवार, समाज की नैतिक शिक्षा देनी है जिसके लिए BSTC अभ्यार्थी ही प्रशिक्षित है जबकि बीएड अभ्यार्थी अप्रशिक्षित है फिर सरकार क्यों निष्पक्ष है ?