नागौर की बेटियों ने निभाया अपना फर्ज , किया यह कार्य

आज के युग में बेटिया किसी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। हर क्षेत्र में बेटिया बेटों से आगे निकलकर पुराने जमाने के भ्रम को तोड़ने में लगी हुई हैं। पुराने समय में जिस व्यक्ति का पुत्र नहीं होता था तो उसके अंतिम संस्कार के समय चिता को अग्नि देने का बड़ा सवाल खड़ा हो जाता था, लेकिन अब यह सवाल भी खत्म हो गया है। बेटा ना होने पर जोचिना निवासी सुखदेव जी सिंवर की दोनो पुत्रियों,पूर्व सरपंच पूर्णाराम जी, रामदेव जी, रामकिशोर जी बिडियासर जाखण की भांजीयो सुमन व नीतू ने सम्पूर्ण जिम्मेदारी ख़ुद पर लेके दोनों बेटिया ही अब यह फर्ज निभा रही हैं। ऐसे ही एक सवाल जायल कस्बे के जोचिना ग्राम में एक पिता की मौत के बाद खड़ा हुआ, लेकिन बेटीयो ने आगे आते हुए अपने पिता की चिता को मुखाग्नि देकर व पगड़ी की रस्म अदायगी कर बेटे का फर्ज निभाया। बेटी के द्वारा किए गए इस मुख्य कार्य को लेकर गांव सहित जिले भर में बेटी की प्रसंशा की जा रही है।

Nagaur:- Dinesh Gurjar