एक ऐसी सरपंच जो हर आकांक्षी महिलाओं की प्रेरणा स्त्रोत - लीला चौधरी केकेडी

जोधपुर / बाड़मेर -

 लीला चौधरी केकेडी एक बहुत ही विनम्र आत्मा हैं, जो उन सभी उभरती बालिका और युवा महिला शक्तियों की मदद और जानकारी देने में कामयाब रही हैं जो हर एक बालिका और महिला को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना चाहती है । उन्होंने जागरूक और सशक्त महिला होने के नाते सर्वप्रथम ग्राम पंचायत कौशले की ढाणी में राजनितिक कदम रखा और सरपंच पद पर चुनाव लड़ी और केकेडी नई ग्राम पंचायत की प्रथम और प्रथम महिला सरपंच बनी । वह हमेशा एक ट्यूटर और गाइड नहीं थी , बल्कि एक बहुत ही उत्साही युवा,सशक्त, और जागरूक महिला थी , जिनके बालिका शिक्षा और महिला आत्मनिर्भर कैसे बने ये बड़े सपने थे और वो आज इन पर कार्य कर रही है । अतीत में लोगों के अपने हालात थे लेकिन यहां उन्हें थोड़ी आर्थिक समस्या थी जिसकी वजह से कई बार खुद शिक्षा से वंचित रही लेकिन हिम्मत नही हारी |  लेकिन खुद पढ़कर आगे बढ़कर उसने एक युवा,सशक्त और जागरूक महिला होने के नाते राजनितिक कदम चुनने का फैसला किया क्योंकि इससे वह खुश थी और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देकर जनता की सेवा करना चाहती है । जल्द ही वो अपनी पुस्तक “महिला सशक्तिकरण और कुप्रथा” से पुरे राजस्थान में कुप्रथाओं के खिलाफ लड़ेगी और बालिका शिक्षा को बढ़ावा कैसे मिले ये प्रयास करेगी । इस पीढ़ी के साथ बात यह है कि, वे अत्यधिक प्रेरित हैं और बहुत महिलाओं के समर्थन द्वारा समर्थित हैं। लीला चौधरी महिला आत्मनिर्भर और बेटी बचाओ बेटी पढाओ की सच्ची शक्ति को प्रज्वलित करना चाहती है | उनका यही सपना है राजस्थान की हर एक महिला स्वतंत्र और अपने अधिकार में जिए और हर एक महिला आत्मनिर्भर बने |


बड़ी ख़ुशी की बात है की लीला चौधरी इस पर जोरो से काम कर रही है |


छोटी सी उम्र में भी अपने से छोटी बालिकाओं को पढ़ना और उनकी मदद कई रूपों में थी। अब लीला चौधरी बालिकाओं को प्रशासनिक,राजनीतिक और खेल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है | परिस्थिति चाहे कितनी भी खराब क्यों न हो, लीला चौधरी ने कभी पढाई नहीं छोड़ी और खुद मेहनत कर आगे बढ़ हर एक बालिका को आगे लाने का काम किया है उसने कभी किसी को नहीं छोड़ा । जब उन्होंने मार्च 2020 में सरपंच पद पर शपथ ली थी तब, तो उन्हें कभी नहीं पता था कि वह एक दिन पुरे राजस्थान में हर एक बालिका और महिलाओं के लिए एक फरिश्ता होगी । लीला चौधरी एक छोटे से गाँव केकेडी  में निवास करती है और वह अब बालिका शिक्षा को बढ़ावा कैसे मिले इस पर योजना बना रही है, ताकि राजस्थान की हर एक महिला आत्मनिर्भर बन सके |

 

सच कहे तो भारत में बहुत सी चीजों की कमी है, जैसे बुनियादी ढांचे, बालिका की शिक्षा सुविधाएं, इस विशिष्ट उद्देश्य के लिए शैक्षणिक संस्थान बनाने के लिए उचित धन। हालांकि ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन हमे आगे आकर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना । मूल लक्ष्य सभी बाधाओं को तोड़ना और हर एक महिला आत्मनिर्भर बनाना है। लीला चौधरी अपने सपनों को साकार करने और उनके सपनों को एक गौरवपूर्ण वास्तविकता में बदलने के लिए कई और लोगों की मदद करने के लिए निश्चित है ।

Credit - BaluSingh Rajpurohit