पटवार भर्ती परीक्षा के चलते राजस्थान में इंटरनेट सेवाएं बंद, लोगों ने किया इंटरनेट बंद करने का विरोध।

जयपुर :-

राजस्थान में बीते कुछ वर्षों से आयोजित होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा से पहले इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी जाती है इस मुद्दे पर जब सरकारी मुलाजिमों से पूछा जाता है तो उनका एक ही कहना होता है कि पेपर आउट होने की संभावना अधिक होती हैं इसको देखते हुए इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का काम किया जाता है ताकि परीक्षाएं सुचारू रूप से हो सके किसी भी प्रकार से अफवाह नहीं फेले।


बुद्धिजीवी लोगों ने किया इंटरनेट बंद का विरोध।

प्रदेश में आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा से पहले इंटरनेट सेवाएं बंद करने का इस बार बुद्धिजीवी लोगों ने सोशल मीडिया पर विरोध किया उनका मानना है कि जब भी प्रदेश में आयोजित होने वाले भर्ती परीक्षा से पहले इंटरनेट सेवाओं को बंद करके हुमन राइट का वायलेशन है उनका मानना है कि जो मूलभूत हमारी सेवाएं होती हैं उसमें आज इंटरनेट अपना स्थान बना चुका है और इसी को देखते हुए इंटरनेट की बहुत जरूरत होती है। जब कोई पर्यटक  किसी शहर में घूमने के लिए जाता है तो उसको गूगल मैप की जरूरत होती है जिसके सहारे वे एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता है और इसकी जरूरत एग्जाम देने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को भी होती है उनके साथ साथ आज जिस प्रकार से ई पेमेंट का सिस्टम बना है उसी में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


केंद्र सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे चुकी है जबकि राज्यों में आज भी इंटरनेट सेवाएं बंद हो जाती है।


बुद्धिजीवी लोगों का मानना है कि वह लोग कहां है जो धारा 370 हटाने के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद होने पर हुमन राइट वायलेशन बता रहे थे लेकिन आज राजस्थान में हर प्रतियोगिता परीक्षा से पहले इंटरनेट को बंद कर दिया जाता है लेकिन आज उनके मुंह पर चुप्पी साधे हुए हैं। जिस प्रकार से पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार लगातार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है तो वहीं दूसरी ओर इस प्रकार से इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे तक बाधित कर के लोगों को अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।