21वीं सदी में भारत का मीडिया उद्योग शहरी चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करता है गांव में किसानों की खबरों को प्रमुखता से अपनी आवाज देने का प्रयास नहीं करता है गांव की सोच को विस्तृत करने के लिए किसान के बेटे पत्रकार सुधीर विश्नोई ने एक नई सोच को पंख दिया है जिसका नाम है "मीडिया मंथन"।